ज्ञान, संस्कार एवं आत्मनिर्भरता का संगम
हमारा उद्देश्य बच्चों को न केवल शैक्षणिक रूप से सुदृढ़ बनाना है, बल्कि उन्हें नैतिक रूप से समृद्ध, अनुशासित और समाज के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनाना है।
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ईश्वर की असीम अनुकम्पा एवं पूर्वजों के आशीर्वाद से क्षेत्र की गरीब जनता के लिए बालक एवं बालिकाओं की शिक्षा हेतु इस विद्यालय की स्थापना जुलाई 1968 में तत्कालीन शिक्षाविद् ग्राम वासियों के द्वारा की गयी थी। यह विद्यालय निरंतर प्रगति के मार्ग पर चलते हुए 20 मार्च 1982 में अस्थायी मान्यता उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रदान की गयी, क्षेत्रीय जनता के विश्वास पर खरा उतरते हुए अप्रैल 1996 में कक्षा 06 से 08 तक विद्यालय को वित्तीय सहायता प्राप्त हुई। सन 2015 में हाईस्कूल की मान्यता एवं 2017 में इण्टरमीडिएट की स्थायी मान्यता प्राप्त करने में विद्यालय सफल हुआ।
वर्तमान समय में कक्षा 01 से 12 तक लगभग 800 छात्र एवं छात्राएँ शिक्षा अर्जित कर रहे हैं। यहाँ सुयोग्य एवं प्रशिक्षित शिक्षकों के माध्यम से शिक्षा दी जाती है। शिक्षकों के अथक प्रयास के कारण ही इस विद्यालय का परीक्षा परिणाम शत प्रतिशत रहता है, विज्ञान के छात्रों को प्रयोगात्मक कार्य हेतु प्रयोगशाला (लैब) उपलब्ध कराये गये है। आशा है कि हम अपने लक्ष्य प्राप्ति में सफल रहेंगे जिससे हम अपने छात्र/छात्राओं को आगे बढ़ा सकें जिससे केवल छात्रों को ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण राष्ट्र को भी लाभ होगा।
कृषक इण्टर कॉलेज को एक उत्कृष्ट शिक्षण संस्थान बनाने वाले प्रमुख बिंदु:
भारतीय संस्कृति पर आधारित सर्वांगीण विकास हेतु आधुनिक शिक्षा की उत्तम व्यवस्था।
प्रत्येक कक्ष में दोनों ओर कैमरों के माध्यम से निगरानी कर प्रशिक्षित अध्यापकों द्वारा शिक्षण कार्य।
इण्टरमीडिएट स्तर तक विज्ञान एवं तकनीकी विकास हेतु वैज्ञानिक वर्ग की शिक्षा की सुचारू व्यवस्था।
छात्रों के व्यावहारिक ज्ञान के लिए पूर्ण रूप से सुसज्जित प्रयोगशालायें, समृद्ध पुस्तकालय एवं क्रीड़ास्थल।
विद्यालय में छात्रों के शारीरिक व मानसिक विकास हेतु खेलकूद एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में पूर्ण सहयोग और मनोबल उत्साहवर्धन।
सभी कक्षाओं में पंखों की समुचित व्यवस्था तथा छात्र/छात्राओं के सुरक्षित आवागमन हेतु सुलभ वाहन सुविधा उपलब्ध।
नोट: जूनियर कक्षाओं में प्रवेश अभिभावक के सामने मौखिक/लिखित परीक्षा के आधार पर ही होगा।
नोट: सभी बच्चों को प्रतिदिन मास्क, पानी की बोतल और टिफिन साथ लाना अनिवार्य है।
छात्रों के समयबद्धता और नियमित विकास के लिए विद्यालय का समय चक्र ऋतु के अनुसार विभाजित किया गया है। समस्त छात्र एवं छात्राओं से अपेक्षा की जाती है कि वे निर्धारित समय से 10 मिनट पूर्व विद्यालय परिसर में उपस्थित होना सुनिश्चित करें।
| सत्र / ऋतु | समय |
|---|---|
| ग्रीष्म कालीन (Summer Timings) | प्रातः 7:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक |
| शीत कालीन (Winter Timings) | प्रातः 8:30 बजे से दोपहर 2:40 बजे तक |
नोट: समय शासन / जिला प्रशासन के तात्कालिक आदेशानुसार बदला जा सकता है।
"विद्यालय स्थापना से हमारा उद्देश्य ग्रामीण परिवेश के समाज में शिक्षा का दीप प्रज्वलित कर केवल अध्यापन की व्यवस्था करना ही नहीं अपितु छात्रों के व्यवहार में अपेक्षित परिवर्तन लाना है और उनके सर्वांगीण विकास के लिए उचित वातावरण का निर्माण करना है।"
कोरोना काल में शिक्षा की अत्यधिक गिरावट हुयी है जिसको सुधारने के लिए हमे क्षेत्र वासियों को सहयोग अपेक्षित है। हम अपने क्षेत्र की शिक्षा को उन्नत बनाने हेतु पूर्ण कोशिश करते आ रहे है व करते रहेंगे ऐसे वातावरण का सृजन करना जिसमें विद्यार्थियों की प्रतिभा के विकास का अधिकतम अवसर उपलब्ध हो सके।
विद्यालय भवन और छात्र जीवन से जुड़े कुछ प्रमुख चित्र: